राजनांदगांव , जुलाई 29 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में वाणिज्यिक एवं वित्तीय विवादों से जुड़े चेक बाउंस मामलों में न्यायपालिका की सख्ती के बाद राजनांदगांव पुलिस ने रायपुर न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत आरोपी शुभम अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इसी आरोपी पर पहले खाद्य अपमिश्रण (फूड एडल्ट्रेशन) के गंभीर मामलों में भी संलिप्तता के आरोप रहे हैं।
प्राप्त आधिकारिक विधिक दस्तावेजों के अनुसार, रायपुर स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (श्री विकास खाण्डे) की अदालत में 'सात्विक एग्री फूड विरुद्ध शुभम अग्रवाल' प्रकरण (प्रकरण क्रमांक 1019/26, मूल प्रकरण क्र. 5554/25) विचाराधीन है। यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
न्यायालयीन प्रक्रिया में लगातार अनुपस्थित रहने के चलते न्यायालय ने आरोपी शुभम अग्रवाल (28) पुत्र अनिल अग्रवाल, निवासी- गंज लेन, द्वारा नेहा एंटरप्राइजेस, तहसील व जिला राजनांदगांव) के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। न्यायालय ने पुलिस चौकी, राजनांदगांव को निर्देश दिए थे कि आरोपी को गिरफ्तार कर आगामी निर्धारित पेशी तिथि 14 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
सूत्रों और पूर्व प्रशासनिक कार्रवाइयों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शुभम अग्रवाल की गतिविधियां पहले भी संदेहास्पद रही हैं। यही व्यक्ति कथित तौर पर नियर-एक्सपायरी या एक्सपायरी सामान कम दामों में खरीदकर उस पर थिनर से पुरानी तारीख और एक्सपायरी मिटाकर नई प्रिंटिंग के साथ बाजार में खपाने के कारोबार से जुड़ा रहा है। पूर्व में खाद्य अपमिश्रण विभाग द्वारा इस व्यक्ति के ठिकानों से लगभग 32 प्रकार के ऐसे संदिग्ध एवं अमानक खाद्य आइटम जब्त किए गए थे।
आज सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले आई और उसे रायपुर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, इस दौरान एक बड़ा प्रशासनिक सवाल खड़ा हो गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर न्यायालय जैसे संवेदनशील और गंभीर वारंट मामले में आरोपी को सरकारी वाहन (पुलिस वाहन) के बजाय कथित तौर पर एक निजी गाड़ी से रायपुर भेजा गया है, जो कि पुलिसिक कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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