जयपुर , अक्टूबर 16 -- राजस्थान में हाल में सम्पन्न हुए नगर निकाय चुनाव के तहत मतदान दल रवानगी एवं प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने एवं अनुपस्थित रहने पर दो कार्मिकों की वेतन वृद्धियां रोक ली गयी।

जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) संदेश नायक ने बताया कि नगर निगम जयपुर के चुनाव प्रशिक्षण में बिना किसी ठोस कारण के अनुपस्थित एक कार्मिक तथा मतदान दल रवानगी के दौरान उपस्थित दर्ज कराने के पश्चात रवानगी स्थल के प्रशिक्षण को छोड़कर जाने वाले कार्मिकों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) 1958 के नियम 17 के तहत चार्जशीट दी गयी है, जिस पर कार्मिकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया। कार्मिकों द्वारा संतोषप्रद जवाब उपलब्ध नहीं कराने पर इस अधिनियम के नियम 14 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दण्ड दिया गया है।

इसके साथ ही नगर निगम चुनाव की 10 सितंबर को भवानी निकेतन से हुए रवानगी के दौरान अनुपस्थित रहे कार्मिकों को भी सीसीए नियम 17 के तहत नोटिस जारी कर जवाब प्राप्त किये गये थे। उनके प्राप्त जवाबों का अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जयपुर प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ से परीक्षण करवाया जा रहा है। यदि उनके जवाब संतोषप्रद नहीं पाये जाते हैं तो ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध भी सीसीए नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी।

उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन की प्रक्रिया संपादित की जायेगी। यदि किसी कार्मिक द्वारा चुनाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती जाती है तो ऐसे ही भविष्य में ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।

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