लखनऊ , मई 11 -- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए सोमवार को कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को "संकट" याद आ गया।

उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे बड़ा संकट भाजपा ही है और केंद्र सरकार की हालिया अपीलें उसकी आर्थिक व नीतिगत विफलताओं को उजागर करती हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि यदि इतनी पाबंदियां लगानी पड़ रही हैं तो पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के हाथ से आर्थिक व्यवस्था की लगाम छूट चुकी है। डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर होता जा रहा है।

अखिलेश यादव ने सोने की खरीद को लेकर सरकार की अपील पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता तो वैसे भी डेढ़ लाख तोले का सोना खरीदने की स्थिति में नहीं है, बल्कि भाजपा के लोग ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसकी जानकारी "लखनऊ से लेकर गोरखपुर" और "अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी" तक ली जा सकती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि सारी पाबंदियां चुनाव खत्म होने के बाद ही क्यों याद आईं। अखिलेश ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर विमान यात्राएं कीं, महंगे होटलों में ठहरे और बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल किया। ऐसे में जनता पर ही प्रतिबंध और अपीलें थोपना उचित नहीं है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की इस तरह की अपीलों से बाजार में भय, घबराहट और मंदी की आशंका पैदा होगी। सरकार का काम संकट से उबारना होता है, न कि अफरातफरी का माहौल बनाना। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विदेश नीति और गृह नीति दोनों मोर्चों पर विफल रही है।

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