कोलकाता , फरवरी 21 -- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की आधिकारिक घोषणा से पहले ही चुनाव आयोग राज्य में केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती शुरू कर देगी।

गृह मंत्रालय से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह तैनाती दो चरणों में होगी। शुरुआत में राज्य में कुल 480 कंपनियां तैनात की जायेंगी। पहले चरण में एक मार्च तक 240 कंपनियों को तैनात किया जायेगा। इनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 55 कंपनियां, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 27 कंपनियां, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 27 कंपनियां और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 21 कंपनियां शामिल हैं। दूसरे चरण में 10 मार्च तक अतिरिक्त 240 कंपनियों को तैनात किया जायेगा। इस जत्थे में सीआरपीएफ की 120 कंपनियां, बीएसएफ की 65, आईटीबीपी की 20, एसएसबी की 19 और अन्य केंद्रीय बलों की 16 कंपनियां शामिल होंगी।"गृह मंत्रालय ने औपचारिक रूप से राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को तैनाती योजना की जानकारी दे दी है और राज्य प्रशासन को चुनाव से पहले आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

संयोगवश केंद्रीय बल की तैनाती शुरू होने से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का 28 फरवरी को प्रकाशन किया जायेगा।

वर्ष 2021 के आठ फेज में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बल की करीब 1,100 कंपनियां तैनात की गयी थीं। चुनाव आयोग ने पहले ही राज्य प्रशासन से संवेदनशील और असुरक्षित मतदान केंद्रों की पहचान करने के लिए कहा है। इससे पहले राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूनीवार्ता को बताया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चरणों की संख्या मुख्य रूप से केंद्रीय बलों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

सीईओ कार्यालय ने एक ही चरण में चुनाव कराने को प्राथमिकता दी है और इस संबंध में केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा है।

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