कोलकाता , मई 05 -- निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के "अनुचित चुनाव" संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें "निराधार और असत्य" बताया है।

सुश्री बनर्जी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और उनकी पार्टी को चुनाव आयोग की "साजिश" के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "वे निर्वाचन आयोग के जरिए तृणमूल कांग्रेस को हरा सकते हैं, लेकिन हमने नैतिक रूप से यह चुनाव जीता है।"उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया, ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की गई और फॉर्म 17सी छीन लिया गया। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव निष्पक्ष होता तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती।

जब सुश्री बनर्जी से पूछा गया कि क्या वह राजभवन जाकर इस्तीफा देंगी, तो उन्होंने कहा, "मैं क्यों इस्तीफा दूं, यदि कोई मुझे मजबूर करेगा तो मैं मना कर दूंगी। आयोग ने सीधे भाजपा के इशारे पर काम किया है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना केंद्र के अंदर उनके साथ मारपीट की गयी।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सभी निर्धारित नियमों और कानूनों के अनुरूप संपन्न हुई।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने निगरानी में किसी भी प्रकार की चूक के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी कवरेज लगातार सक्रिय रहा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवार के आग्रह पर मतगणना प्रक्रिया कुछ समय के लिए रोकी गई थी, जिसे बाद में निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार पुनः शुरू किया गया।

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