नयी दिल्ली , अप्रैल 02 -- चुनाव आयोग ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों के घेराव की घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी है।
चुनाव आयोग ने यह फैसला इस मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर लिया है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि एनआईए की टीम शुक्रवार तक पश्चिम बंगाल पहुंच जाएगी। आयोग के सूत्रों ने कहा कि आयोग चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उच्चतम न्यायालय के आज के ही निर्देशों के अनुपालन के संबंध में चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने एनआईए के महानिदेशक को मालदा की घटना की जांच के लिए गुरुवार को पत्र लिखा, जिसमें उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश का उल्लेख किया गया है, जिसमें चुनाव आयोग से मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो या एनआईए से करवाने का निर्देश दिया गया है।
श्री मिश्रा ने एनआईए के महानिदेशक को यह भी लिखा है कि इस मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय को सौंपी जानी है। इस पत्र की प्रति पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव को भी दी गयी है।
उच्चतम न्यायालय ने मालदा जिले में एक बीडीओ मुख्यालय पर बुधवार अपराह्न 3:30 बजे सात न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ घेराव के मामले में कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिली सूचना के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। यह न्यायिक अधिकारी एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत दावे और आपत्तियों की जांच के लिए तैनात किये गये थे।
पश्चिम बंगाल में दावे और आपत्तियों पर सुनवाई का काम उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर ही न्यायिक अधिकारियों को सौंपा गया है। उच्चतम न्यायालय ने इस घटना को अवमानना का मामला बताया है। इस मामले में अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी।
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