नयी दिल्ली , अक्टूबर 26 -- चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (विधान परिषद) के दो मतदान केंद्रों पर हुए पुनर्मतदान के दौरान पर्यवेक्षण में गंभीर चूक के लिए छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है जिनमें तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

इन अधिकारियों को मतदान केंद्रों और उनके आसपास प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने तथा उचित नियंत्रण बनाए रखने में विफल रहने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

आयोग ने 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखे एक पत्र में बताया कि उसने आगरा के मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट की जांच की है। पचीस अक्टूबर की यह रिपोर्ट मतदान केंद्रों 20, 21 और 26 पर दोबारा मतदान से संबंधित थी।

आयोग ने निष्कर्षों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से पालन करने में विफल रहे हैं। पत्र में कहा गया, "आयोग ने अत्यंत चिंता के साथ यह देखा है कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी वाले अधिकारी मतदान केंद्रों के भीतर और उनके आसपास प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा उचित नियंत्रण बनाए रखने में विफल रहे।"इसमें कहा गया है कि पर्यवेक्षी पदों पर तैनात अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति इस तरह की लापरवाही को बहुत गंभीरता से लिया गया है और इसे माफ नहीं किया जा सकता।

सैयां में क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कमरा नंबर एक में स्थित मतदान केंद्र संख्या 21 पर तैनात तीन अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया गया है। इनमें आगरा के जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट ओ.पी. चक, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह, और आगरा के एत्माद्दौला पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार शामिल हैं।

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