कोलकाता , मार्च 06 -- पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा अगले सप्ताह की शुरुआत में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के राज्य के दौरे के बाद की जा सकती है।
राज्यसभा उम्मीदवारों के दाखिल नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया की निगरानी करने विधानसभा पहुंचे पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में यह संकेत दिये। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का शीर्ष नेतृत्व किसी भी घोषणा से पहले जल्द ही राज्य की स्थिति का आकलन करेगा।
श्री अग्रवाल ने कहा, "चुनाव उचित समय पर होंगे और उसके लिए ही चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ यहां आ रही है। पीठ नौ एवं 10 मार्च को यहां रुकेगी। वे कई चुनावी राज्यों का दौरा कर रहे हैं और चार राज्यों का दौरा करने के बाद पश्चिम बंगाल आयेंगे।"हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर यह टिप्पणी नहीं की कि विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कब होगी, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आयोग की पूर्ण पीठ के दौरे के दौरान राज्य की स्थिति की समीक्षा करने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किये जा सकते हैं।
वर्तमान में जांच के अधीन बड़ी संख्या में मतदाता प्रविष्टियों के बारे में पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने जिला चुनाव अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने कहा, "मैंने जिलाधिकारियों से पूरी रिपोर्ट जमा करने को कहा है। यहां खड़े होकर मैं यह नहीं कह सकता कि क्या होगा या क्या नहीं। सभी निर्णय दस्तावेजों, तथ्यों और सबूतों के आधार पर लिये जाते हैं। एक बार जब हमें सब कुछ मिल जायेगा तो हम कानून के अनुसार निर्णय लेंगे।"इस बीच पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गयी है। तृणमूल कांग्रेस के पांच और भारतीय जनता पार्टी के एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल किया था।
विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, तृणमूल उम्मीदवार और अभिनेत्री कोयल मल्लिक और भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा के नामांकन पत्रों, विशेष रूप से उनके हलफनामों में कुछ विसंगतियां थीं।
दिन के अंत तक हालांकि चुनाव अधिकारी ने राजीव कुमार, बाबुल सुप्रियो और मेनका गुरुस्वामी के साथ-साथ उनके नामांकन भी स्वीकार कर लिये।
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