कोलकाता , अप्रैल 13 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले चुनाव आयोग की एक उच्च स्तरीय टीम तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य का दौरा करने वाली है।

सूत्रों के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती करेंगे, उनके साथ दो अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे। आयोग के प्रतिनिधि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केवल रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय जमीनी स्तर का जायजा लेंगे।

उनका यह तीन दिवसीय दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राज्य चुनाव अधिकारियों ने पहले ही सभी जिलों में निगरानी प्रयासों को तेज कर दिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं, प्रशासनिक बैठकें कर रहे हैं और तैयारियों का आकलन करने तथा मतदाताओं को आश्वस्त करने के लिए जनता के साथ बातचीत कर रहे हैं।

इसी पृष्ठभूमि में, उप चुनाव आयुक्त के दौरे का उद्देश्य चुनावी व्यवस्थाओं के सूक्ष्म पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करना है। सूत्रों ने बताया कि दौरा सोमवार से शुरू होगा। अधिकारियों के बागडोगरा हवाई अड्डे पर पहुंचने और वहां से अलीपुरद्वार जाने की उम्मीद है, जहां वे दिन के अंत में मतदाता जागरूकता पहल को बढ़ाने पर बैठकें करेंगे।

आयोग की एक अन्य टीम उत्तर बंगाल का दौरा करेगी। यह टीम मंगलवार को अलीपुरद्वार से कूचबिहारकी यात्रा करेगी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठकें करेगी। वे 15 अप्रैल को जलपाईगुड़ी और कलिम्पोंग का दौरा करने वाले हैं, इसके बाद 16 अप्रैल को कलिम्पोंग में मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। टीम के 17 अप्रैल को दार्जिलिंग से दिल्ली के लिए रवाना होने की संभावना है।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से, आयोग ने राज्य में कई प्रशासनिक फेरबदल किये हैं, जिससे राजनीतिक बहस छिड़ गयी है। इन घटनाक्रमों के साथ ही, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा मतदाताओं के बीच एक बड़ी चिंता के रूप में उभरा है।

एसआईआर मामले पर सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होनी है और इसके नतीजे पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं। विचाराधीन कई मतदाताओं का भाग्य न्यायालय के फैसले पर निर्भर है।

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