बिलासपुर , सितंबर 05 -- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। उच्च न्यायालय में आयोजित विदाई समारोह में अपने कार्यकाल को याद करते हुए बीती रात वह बेहद भावुक हो गए। उन्होंने न्यायपालिका को मजबूत संस्था के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि हमारे द्वारा धारण किया गया पद अस्थायी होता है, लेकिन संस्थाओं को स्थायी रूप से बने रहना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश सिन्हा ने कहा कि अदालतें केवल ईंट, पत्थर और कंक्रीट से निर्मित संरचना नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां नागरिक अपनी आशाओं और न्याय व्यवस्था पर विश्वास के साथ आते हैं। निष्पक्षता, विश्वास और न्याय के प्रति निष्ठा से ही एक महान संस्था का निर्माण होता है।

उन्होंने कहा कि बेंच और बार एक ही न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। एक सशक्त न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभी न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन के प्रति आभार जताया।

मुख्य न्यायाधीश सिन्हा ने कहा कि एक चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी केवल केस निपटाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें संस्था को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण तैयार करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल तभी सफल माना जाएगा जब वे अपने पीछे एक ऐसी संस्था छोड़कर जाएं जो उन्हें मिली संस्था से अधिक सशक्त हो।

विदाई समारोह की शुरुआत में जस्टिस संजय के अग्रवाल ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कार्यकाल के दौरान प्रदेशभर की अदालतों और आवासीय कॉलोनियों के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने उनके कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने समारोह में चीफ जस्टिस सिन्हा के न्यायिक करियर का उल्लेख करते हुए बताया कि 29 मार्च 2023 से 01 सितंबर 2026 तक चीफ जस्टिस द्वारा कुल 50228 मामलों का निराकरण किया गया। इनमें सिंगल बेंच के 32600 मामले और डिवीजन बेंच के 17628 मामले शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि चीफ जस्टिस सिन्हा ने 369 से अधिक रिपोर्टेड निर्णयों के जरिए संवैधानिक, आपराधिक और सेवा विधि जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों का निराकरण किया। छत्तीसगढ़ आने से पहले करीब 1 लाख 34 हजार 200 निर्णय दे चुके थे। जनहित से जुड़े विषयों और मीडिया रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेने के लिए भी चीफ जस्टिस सिन्हा को याद किया जाएगा।

इस बीच, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनकी नियुक्ति की है।

भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर से जारी आदेश के बाद जस्टिस अग्रवाल चीफ जस्टिस के पद के सभी कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

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