पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) , अक्टूबर 17 -- उत्तराखंड के चीन सीमा से सटे 14500 फीट की ऊंचाई पर होने वाली प्रसिद्ध आदि कैलाश परिक्रमा रन -2.0 के लिए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस साल लगभग 1,300 धावकों के हिस्सा लेने की संभावना है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुनी है।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, उपनिदेशक पर्यटन अतुल भंडारी और धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने शनिवार को आदि कैलाश क्षेत्र के ज्योलिंगकोंग पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह स्थान करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर है। अधिकारियों ने सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने छियालेख से बूदी, गर्ब्यांग, नपलचु, गुंजी, नाबी, रोकांग और कुटी तक के गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने धावकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और ग्रामीणों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से आयोजन में सहयोग की अपील की। कुटी गांव के प्रधान नागेंद्र कुटियाल ने प्रशासन को सहयोग दिया।

निरीक्षण में सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), कुमाऊं मंडल विकास निगम और पर्यटन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। प्रशासन के अनुसार धावकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभागों के बीच समन्वय कर सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी श्री भटगाईं के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की भागीदारी से सीमांत क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान दिलाना है।

बताया जा रहा है कि 24 से 26 अक्टूबर तक होने वाली आदि कैलाश रन-2.0 में 70 किलोमीटर की अल्ट्रा रन सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबलों में शामिल होगी। यह दौड़ जोलिंगकोंग से शुरू होकर छियालेख तक जाएगी और वहां से लौटकर गुंजी में समाप्त होगी। वहीं फुल मैराथन, हाफ मैराथन और अन्य श्रेणियों की दौड़ें गुंजी से शुरू होकर कुटी की दिशा में जाएंगी और वापस गुंजी में समाप्त होंगी।

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