, May 14 -- ताइवान मुद्दे के अलावा बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान श्री शी और श्री ट्रंप ने अपेक्षाकृत सौहार्दपूर्ण रुख अपनाया तथा बैठक को बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के संबंधों को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
शिखर सम्मेलन का प्रमुख परिणाम वह नयी रूपरेखा रही, जिसे शी ने "रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध" करार दिया।
श्री शी के अनुसार इस अवधारणा का उद्देश्य सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला बनाना, प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित सीमाओं में रखना, मतभेदों को संतुलित करना और पूर्वानुमेय संवाद के जरिए दीर्घकालिक शांति बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि "रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता" केवल नारा नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में दोनों पक्षों द्वारा ठोस नीतिगत समन्वय और व्यावहारिक कदमों की आवश्यकता होगी।
चीनी राष्ट्रपति ने आर्थिक सहयोग के महत्व पर भी जोर देते हुए द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को "पारस्परिक रूप से लाभकारी और दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा" बताया।
चीनी सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार श्री शी ने कहा कि मतभेदों का समाधान केवल "समान आधार पर परामर्श" के जरिए होना चाहिए। उन्होंने हालिया आर्थिक और व्यापारिक वार्ताओं को "संतुलित और सकारात्मक परिणाम" देने वाला बताया।
श्री शी ने कहा कि चीन विदेशी निवेश के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को और अधिक खोलता रहेगा तथा अमेरिकी कंपनियों की चीन के आधुनिकीकरण और सुधार कार्यक्रमों में गहरी भागीदारी का स्वागत करता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को हालिया आर्थिक वार्ताओं से बने सकारात्मक माहौल को बनाए रखना चाहिए।
शिखर वार्ता में व्यापार से इतर कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। श्री शी ने स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, कानून प्रवर्तन और जन-से-जन संपर्कों को मजबूत करने की वकालत की।
उन्होंने राजनयिक और सैन्य क्षेत्रों में संचार तंत्र मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि गलतफहमियों और जोखिमों को कम किया जा सके। श्री ट्रंप ने भी श्री शी की प्रशंसा करते हुए व्यक्तिगत संबंधों को द्विपक्षीय स्थिरता का महत्वपूर्ण आधार बताया।उन्होंने कहा, "चीन की यात्रा मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच अब तक का सबसे लंबा और सबसे अच्छा संबंध हमारे बीच बना है।"श्री ट्रंप ने श्री शी को "महान नेता" और चीन को "महान देश" बताते हुए कहा कि बीजिंग शिखर सम्मेलन "दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे अधिक देखा जा रहा सम्मेलन" है। उन्होंने कहा कि वह श्री शी के साथ संवाद और सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं और मतभेदों का जिम्मेदारीपूर्वक प्रबंधन भी सुनिश्चित करेंगे।
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