सहारनपुर , अगस्त 25 -- उत्तर प्रदेश में चुनावों से पहले चीनी की किल्लत और दोगुने भावों पर बिक रही चीनी राज्य सरकार की चिंताएं बढ़ा रही हैं। इसका सामना करने के लिए सरकार सक्रिय हो गई है। सहारनपुर के गन्ना उपायुक्त ओमप्रकाश सिंह ने आज कहा कि सहारनपुर मंडल की सभी 18 चीनी मिलों को अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से ही पेराई शुरू करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। लेकिन जमाखोरी के कारण कृत्रिम अभाव के चलते चीनी के भाव बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि कई कारणों से गन्ने की पैदावार और चीनी का उत्पादन कम हुआ था। हालांकि चीनी की रिकवरी .61 ज्यादा थी। इस बार गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए रोग रहित नई प्रजातियों सीओएस-13235 एवं सीओएलके-16202 और सीओएस-18231 एवं सीओ-0118 की उपजाई गई। इनसे गन्ने की चीनी में रिकवरी में वृद्धि होगी।
श्री सिंह ने कहा कि पिछली बार सहारनपुर मंडल में 151.81 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। जो हमारी घरेलू खपत के लिए पर्याप्त था। उन्होंने बताया कि इस बार जून के महीने में बारीश गन्ने की फसल के लिए अनुकूल रही है। इससे गन्ने की पैदावार में इजाफा हुआ है। अबकी अनुमानतः चीनी का उत्पादन 170 लाख क्विंटल होने का अनुमान है।
गन्ना उपायुक्त ने बताया कि थोक दुकानदार की चीनी की भंडारण सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि चीनी के दामों को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। त्यौहारी सीजन होने के कारण बाजार में चीनी की मांग बढ़ी है।
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