वाराणसी , अक्टूबर 12 -- वाराणसी में कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर रविवार को चीनी मांझे से गर्दन कटने के कारण साड़ी व्यवसायी सुनील कुमार गुजराती की मौत के मामले में सोमवार को आक्रोशित अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के पोर्टिको में धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने इस मामले में शासन-प्रशासन की जवाबदेही तय करने और चीनी मांझे की अवैध खरीद-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने एसीएम तृतीय को ज्ञापन भी सौंपा।
बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय और गौतम झा के नेतृत्व में अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय के पोर्टिको में पहुंचे। उनके हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां थीं, जिन पर 'टूट न जाए सांसों की डोर, सावधान काशी के लोग', 'सुनील कुमार गुजराती अमर रहें' और 'सुनील कुमार के हत्यारों को फांसी दो' जैसे नारे लिखे थे। अधिवक्ताओं ने चीनी मांझे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नित्यानंद राय ने कहा कि चीनी मांझे की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाने में शासन-प्रशासन की विफलता की जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 से अब तक चीनी मांझे से चार लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
एसीएम तृतीय विजय कुमार त्रिवेदी धरनास्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में सुनील कुमार गुजराती तथा 30 अगस्त 2020 को चीनी मांझे से जान गंवाने वाली कृतिका समेत सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा चीनी मांझे से घायल होने वालों को 50 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक मुआवजा देने की मांग भी की गई है।
धरना-प्रदर्शन में बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय और गौतम झा, सेंट्रल बार के पूर्व महामंत्री सुरेंद्र पांडेय, पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर सिंह के अलावा मनीष कुमार सिंह लड्डू, राजेश कुमार सिंह, राजेश कुशवाहा, रोहित कुमार मौर्य, अभय सिंह, मोहित सिंह, शशिकांत दुबे, विजय शंकर यादव, जगदीश नारायण, अंकित पांडेय, देवेंद्र सिंह देव और प्रहलाद तिवारी समेत अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
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