मुरैना , अक्टूबर 29 -- मध्यप्रदेश में श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से बाहर निकले 19 माह के नर चीता शावक केएनजी-22 की गोली लगने से मौत के बाद श्योपुर और मुरैना जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में वन विभाग, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने जांच अभियान तेज कर दिया है। मामले में अवैध शिकार की आशंका के बीच विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ और श्योपुर के विजयपुर-नितनवास सीमा क्षेत्र में चीता गंभीर रूप से घायल मिला था। जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में उपचार के दौरान सर्जरी में उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए। इसके बाद 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में किसी चीते की शिकार के दौरान गोली लगने से मौत का यह पहला मामला है।

घटना के बाद मध्यप्रदेश की स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स, पुलिस की एसटीएफ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की टीमें जांच में जुटी हैं। पहाड़गढ़, सबलगढ़ और विजयपुर के बीहड़ क्षेत्रों में सघन गश्त कर अवैध भरमार बंदूकों, छर्रों और शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की तलाश की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चीते को जानबूझकर निशाना बनाया गया या किसी ने गलतफहमी में गोली चलाई। घटना के बाद कूनो से लगे वन क्षेत्रों में सुरक्षा और चीते की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। खबर लिखे जाने तक जांच अभियान जारी था।

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