लखनऊ/चित्रकूट , जुलाई 31 -- उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को चित्रकूट मंडल में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति देने के उद्देश्य से पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत लगभग 84 करोड़ रुपये की लागत वाली 31 परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें पर्यटन विभाग की 27 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें चित्रकूट की 15, बांदा की छह, हमीरपुर की तीन तथा महोबा की तीन परियोजनाएं हैं। बैठक में अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
श्री सिंह ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल की मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है। उन्होंने एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर तक हर हाल में पूरा करने, गुणवत्ता से समझौता न करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित स्थलीय निरीक्षण और परियोजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।
बैठक में चित्रकूट जिले की 15 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें प्रयागराज-चित्रकूट, बांदा-चित्रकूट और कौशांबी-चित्रकूट मार्ग पर थीम आधारित भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण, बेरी पुलिया से शंख चौक तक पर्यटन विकास कार्य, रामघाट पर कथा स्थल, तुलसी घाट पर आरती स्थल, प्राणु बाबा आश्रम, मानिकपुर स्थित लैना बाबा मंदिर, मारी माता मंदिर तथा बोड़ी पोखरी के सौंदर्यीकरण और हाईमास्ट लाइट की स्थापना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 'परंपरा' वन स्टॉप सेंटर फॉर टूरिज्म एंड कल्चर परियोजना की भी समीक्षा की गई, जहां पर्यटकों को एक ही स्थान पर पर्यटन संबंधी जानकारी, सांस्कृतिक विरासत का परिचय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बांदा जिले में तिंदवारी स्थित खासी बाबा मंदिर, हनुमान मंदिर, नरैनी के बीरगढ़ माता मंदिर तथा श्रीराम जानकी मंदिर में इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना सहित पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा की गई। महोबा में कालेश्वर मंदिर, चरखारी स्थित गोरैया माता मंदिर और ऐतिहासिक मस्तानी महल के संरक्षण एवं विकास पर चर्चा हुई, जबकि हमीरपुर में काली मंदिर, राठ स्थित महेश्वरी माता मंदिर और मां महाकाली सिद्धपीठ के विकास तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं पर मंथन किया गया।
बैठक में संस्कृति विभाग की परियोजनाओं के तहत चित्रकूट के रामलीला परिसर के सौंदर्यीकरण, राम जानकी मंदिर स्थित रामलीला मंच के विकास तथा सोमनाथ मंदिर, खाकरा मठ, शांतिनाथ मंदिर, योगिनी माता मंदिर और महोबा के एक प्राचीन मंदिर के संरक्षण एवं अनुरक्षण कार्यों की भी समीक्षा की गई। वहीं धर्मार्थ कार्य विभाग की ओर से चित्रकूट स्थित बड़ी भवानी मंदिर तथा महोबा के इमिलिया डांग गांव स्थित प्राचीन मंदिर, गुमान बिहारी मंदिर और वासुदेव मंदिर के संरक्षण एवं विकास संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया गया। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से चित्रकूट मंडल धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित