चित्तौड़गढ़ , जुलाई 24 -- राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के आंवलहेड़ा गांव में नशीले पदार्थ निरोधी दल (एएनटीएफ) ने 12 क्विंटल से अधिक अवैध डोडाचूरा, बंदूकें, कारतूस और तस्करी के काम में लिए जाने वाले चोरी के तीन वाहन बरामद किये हैं।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने शुक्रवार को बताया कि कई महीनों से सूचना मिल रही थी कि मध्यप्रदेश से डोडाचूरा की बड़ी खेप चित्तौड़गढ़ और आसपास के इलाकों में पहुंचायी जा रही है। इसके बाद दल ने राजस्थान में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों और घाटों पर लगातार निगरानी शुरू की। देसूरी की नाल, उदयपुर, प्रतापगढ़, भीम, देवगढ़ और राजसमंद की तरफ आने वाले रास्तों पर कई बार नाकाबंदी भी की गयी, लेकिन तस्कर हर बार पुलिस की नजर से बच निकले।
पुलिस ने तस्करों पर दबाव बनाये रखने के लिए कई जगह नाकाबंदी जारी रखी। तस्करों ने बस्सी क्षेत्र के गाव आंवलहेड़ा में एक भैंसों के तबेले को अपना ठिकाना बना लिया। ऊंची चारदीवारी और बंद लोहे के फाटक के कारण बाहर से यह सामान्य तबेला दिखायी देता था। सही समय पर स्थानीय पुलिस को साथ लेकर संयुक्त कार्रवाई की गयी।
उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान तबेले में दो स्कॉर्पियो-एन और एक टाटा सफारी खड़ी मिली। तीनों गाड़ियों की तलाशी लेने पर उनमें रखे 72 कट्टों से 12 क्विंटल 71 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। साथ ही एक 12 बोर की दो नाली बंदूक, एक पंप एक्शन गन और 47 कारतूस भी मिले। कार्रवाई से पहले तस्कर भाग निकले।
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