बैतूल , अगस्त 04 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को एनएसयूआई ने नगर परिषद के कार्यों, अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने आरोप लगाया कि चिचोली नगर लंबे समय से पेयजल संकट, दूषित जलापूर्ति और जर्जर सड़कों जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना के तहत कई स्थानों पर पाइपलाइन नालियों के भीतर से बिछाई गई है, जिससे पेयजल दूषित होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने योजना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की।

ज्ञापन में नगर परिषद द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि कई निर्माण कार्य पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उनकी गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न हुआ है। एनएसयूआई ने जीईएम पोर्टल के माध्यम से स्ट्रीट लाइट खरीदी तथा अन्य वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग भी की।

ज्ञापन में नगर में अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई, तपश्री ग्राउंड के समतलीकरण, स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतक लगाने, किसानों को कृषि सीजन में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी रोकने तथा जर्जर सड़कों, अधूरी नालियों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समयबद्ध मरम्मत कराने की मांग भी की गई।

कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभागों को सभी बिंदुओं की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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