आजमगढ़ , जून 30 -- देशभर के वाहन चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को आजमगढ़ में प्रदर्शन करते हुए सरकार से सुविधाएं और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।

वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत के आह्वान पर कलेक्ट्रेट चौराहे स्थित रिक्शा स्टैंड पर आयोजित धरने में बड़ी संख्या में चालक शामिल हुए। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशभर के जिला मुख्यालयों पर चक्का जाम कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

धरने को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले वाहन चालक आज उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि दिन-रात सड़कों पर रहने वाले चालकों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर न तो शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही सुरक्षित विश्राम स्थलों की सुविधा। रात में वाहन रोकने पर पुलिस उत्पीड़न तथा लूटपाट का भय भी बना रहता है।

धरने में संगठन ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें राष्ट्रीय चालक आयोग एवं ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड का गठन, सड़क दुर्घटना में मृत चालक को 'शहीद' का दर्जा, मृतक चालक के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा पत्नी को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन, दुर्घटना में दिव्यांग होने पर 15 लाख रुपये का बीमा, पांच हजार रुपये मासिक पेंशन और नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर चालकों के लिए सुरक्षित विश्रामगृह बनाने तथा चालक उत्पीड़न एवं शोषण की शिकायतों के निस्तारण के लिए स्वतंत्र ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की भी मांग की गई।

संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि चालक अब अपने अधिकारों की अनदेखी और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्तर पर और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने में आजमगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए बड़ी संख्या में वाहन चालक मौजूद रहे।

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