बैतूल , मार्च 12 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के आदिवासी बहुल भीमपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चोहटा पोपटी के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोघरा में नल-जल योजना पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीणों को आज भी नदी और कुएं के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार योजना के तहत गांव में बोरवेल और ट्यूबवेल का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। पाइपलाइन भी बिछा दी गई है और संपवेल का निर्माण भी तैयार है, लेकिन इसके बावजूद योजना को अब तक शुरू नहीं किया गया।

ग्राम के सरपंच रामकिशोर धुर्वे ने बताया कि योजना को चालू कराने के लिए कई बार संबंधित ठेकेदार से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार जल्द काम शुरू करने का आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से भी बात की गई, लेकिन वहां से भी ठेकेदार का हवाला देकर जिम्मेदारी टाल दी जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि कभी बिजली कनेक्शन नहीं मिलने का बहाना बनाया जाता है तो कभी अन्य तकनीकी कारण बताए जाते हैं। इसके कारण तैयार होने के बावजूद योजना से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांव में पेयजल संकट और गहरा गया है। कई ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए निजी साधनों से ताप्ती नदी से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द नल-जल योजना शुरू कराई जाए, ताकि गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।

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