रायपुर , अगस्त 25 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके लिए शहरों की परिवहन जरूरतों के अनुरूप रूट प्लानिंग, डिपो, चार्जिंग ढांचा और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने मंगलवार को नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बसों के संचालन, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि ई-बसों के रूट शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा के आधार पर निर्धारित किए जाएं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार, महत्वपूर्ण संस्थान और अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों को ई-बसों के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रस्तावित रूटों का यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर चरणबद्ध अध्ययन कर उनकी व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित किए जाएंगे।
बोरा ने कहा कि नागरिकों को ई-बसों की संख्या, उनके रूट और प्रत्येक रूट के स्टॉपेज की जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए रूट चार्ट और अन्य संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार कर साझा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित करने पर जोर दिया। चारों शहरों में उपलब्ध संसाधनों और जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकताएं तय करने तथा योजना की नियमित मॉनिटरिंग करने को भी कहा गया। बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने और उनकी सुविधा के अनुरूप रूट एवं संचालन व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
बोरा ने भूमि, डिपो, चार्जिंग, रूट और संचालन से जुड़ी संभावित बाधाओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए डिपो में पर्याप्त क्षमता और आवश्यक सुविधाएं विकसित करने को कहा।
भदौरिया ने डिपो, चार्जिंग स्टेशन और अन्य सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने डिपो और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), रेलवे तथा अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियां और तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ई-बसों की प्रभावी निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणाली के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। कमांड एंड कंट्रोल व्यवस्था के माध्यम से बस संचालन, रूट, यात्री संख्या और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
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