चंडीगढ़ , जनवरी 16 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स, यूटी चंडीगढ़ के बैनर तले नगर निगम के सीवर विभाग के कर्मचारियों ने बुधवार को वॉटर वर्क्स सेक्टर-32 में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड का कड़ा विरोध किया गया।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि नये लेबर कोड गुलामी के नये दौर की शुरुआत हैं और ये भारतीय संविधान में दिये गये मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि लेबर कोड लागू होने से मजदूरों का वेतन घटेगा, कटौतियां बढ़ेंगी और काम के घंटे बढ़ जाएंगे, जिससे ओवरटाइम के अवसर भी कम होंगे। फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट के प्रावधान से कंपनियों को छंटनी की खुली छूट मिल जाएगी, जिसका सीधा असर मजदूरों की क्रय शक्ति और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नये श्रम कानूनों में हड़ताल के अधिकार पर भी कई पाबंदियां लगायी गयी हैं और विवादों के निपटारे में देरी होगी। उन्होंने मांग की कि चारों लेबर कोड में शामिल मजदूर विरोधी प्रावधानों को खत्म किया जाये। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन, बोनस एक्ट लागू करने, हर माह 7 तारीख तक वेतन देने और खाली पदों को शीघ्र भरने की मांग उठायी गयी।
नेतृत्व ने घोषणा की कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। नौ फरवरी से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी और 26 मार्च को यूटी सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
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