देहरादून , फरवरी 20 -- उत्तराखंड में बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र से विधायक लखपत बुटोला ने सरकार पर चार धाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित की जा बैठकों में स्थानीय प्रतिनिधियों और विधायकों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर घोर आपत्ति जतायी है।
श्री बुटोला ने शुक्रवार को कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सरकार चार धाम यात्रा को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय विधायकों की अनदेखी करने में लगी हुई है।
देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय मे शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष यात्रा शुरू होने से पहले उन्होंने कुछ सुझावों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिये समय मांगा था, ताकि चार धाम यात्रा सुचारू और व्यवस्थित ढंग से चल सके, लेकिन उन्होंने मुलाकात के लिये समय नहीं दिया।
बुटोला ने कहा कि बीते साल चार धाम यात्रा में लगातार अव्यवस्थाएं देखने को मिली, लेकिन इस बार फिर सरकार यात्रा की तैयारियों को लेकर बयान बाजी में मशगूल है, और यात्रा को लेकर गंभीर नहीं दिखायी दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चार धाम यात्रा चौपट करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।
उन्होंने कहा जिस प्रकार केंद्र ने मनरेगा को खत्म किया, उसी तरह चार धाम यात्रा को भी खत्म किए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। आज सरकार ने ऐसी स्थितियां उत्पन्न कर दी है कि चार धाम यात्रा में आने वाले लोगों के ऊपर विभिन्न प्रकार के टैक्स थोपे जा रहे हैं।जबकि अन्य राज्य उन्हें सब्सिडी देकर अपने राज्यों में आने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर आने वाले लोगों के लिए तरह तरह के टैक्स लगाये जा रहा है और उन्हें रजिस्ट्रेशन के नाम पर हरिद्वार मे रोका जा रहा है।
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