खरगोन , अक्टूबर 20 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिला जेल से फरार सजायाफ्ता बंदी अरुण धुर्वे को पुलिस ने चार दिन की तलाश के बाद मंगलवार को उमरखली के पास जंगल से गिरफ्तार कर लिया। बंदी के फरार होने के मामले में जेल के दो प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, इंदिरा नगर निवासी 23 वर्षीय अरुण धुर्वे को नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में पॉक्सो अधिनियम के तहत सात अक्टूबर को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसे उसी दिन टेमला रोड स्थित जिला जेल में दाखिल कराया गया था।
खरगोन थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि धुर्वे 16 अक्टूबर को जेल परिसर में शौचालय की छत पर चढ़कर बाहरी दीवार फांदकर फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए करीब 70 पुलिसकर्मियों की चार टीमें गठित की गई थीं। अभियान में मेंगांव पुलिस, खरगोन पुलिस लाइन और जेल प्रशासन के कर्मचारी भी शामिल थे। पुलिस ने सेंधवा और नेपानगर सहित विभिन्न स्थानों पर तलाश की तथा संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर मुखबिरों से जानकारी जुटाई।
मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी भसनेर और संतोषी माता क्षेत्र के बीच घने जंगल में छिपा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया और बाद में जेल प्रशासन के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार, धुर्वे की शादी सजा सुनाए जाने से कुछ समय पहले हुई थी और उसकी पत्नी जेल में उससे मिलने आई थी। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस मुलाकात के बाद भावुक होकर उसने फरार होने की योजना बनाई होगी। जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी दीवार की समीक्षा शुरू कर दी है।
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