दरभंगा , जुलाई 28 -- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी- लेनिन वादी (भाकपा माले)ने मंगलवार को अपने संस्थापक नेताओं में शामिल कामरेड चारू मजूमदार का 55वां शहादत दिवस देशभर में संघर्ष, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ मनाया। इसी क्रम में दरभंगा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि चारू मजूमदार ने अपना पूरा जीवन किसानों, मजदूरों, छात्रों, युवाओं और मेहनतकश तबकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मौजूदा मुद्दों के बीच उनके विचार और संघर्ष आज भी प्रासंगिक हैं।

वरिष्ठ नेता आर. के. सहनी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनआंदोलनों के समक्ष बढ़ती चुनौतियों के दौर में संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा तथा सामाजिक न्याय के लिए व्यापक जनएकजुटता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए शांतिपूर्ण और जनपक्षधर आंदोलनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े जनसरोकारों पर चल रहे आंदोलनों को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए संगठित जनभागीदारी और लोकतांत्रिक संघर्ष आवश्यक हैं।

महानगर सचिव कामेश्वर पासवान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनअधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्रो. कल्याण भारती, गंगा मंडल, अवधेश सिंह, रानी शर्मा, उपेंद्र राम, गीता देवी, शनिचर पासवान, मोहम्मद शौकत, विजय कुमार महतो, बसंती देवी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित थे।

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