टिहरी , अप्रैल 07 -- उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए टिहरी पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे ने मंगलवार को स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरकर यात्रा मार्गों का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
एसएसपी चौबे ने बगड़धार, दुआधार और ताछला जैसे भूस्खलन प्रभावित व क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के साथ-साथ भद्रकाली, तपोवन और मुनि की रेती जैसे यातायात के दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी 'बॉटलनेक' और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मार्गों और पार्किंग स्थलों पर पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड की अतिरिक्त तैनाती करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।
भूस्खलन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जेसीबी और पोकलैंड मशीनों को पहले से तैयार रखने तथा उनके ऑपरेटरों के संपर्क नंबर थाना और कंट्रोल रूम में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए। ब्रह्मानंद मोड़ से तपोवन तक सड़क मार्ग को शीघ्र ठीक कराने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में राज्य आपदा मोचन बल को अलर्ट मोड पर रखने, पर्याप्त साइन बोर्ड, बैरियर और चेतावनी संकेत लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
एसएसपी चौबे ने दो टूक कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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