बद्रीनाथ/चमोली, मई 23 -- उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम संचालन एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी शनिवार को श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे और मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धाम क्षेत्र में तैनात एसडीआरएफ टीमों, सुरक्षा व्यवस्था एवं यात्रा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान सेनानायक ने मंदिर परिसर, मुख्य यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थल, भीड़ नियंत्रण प्वाइंट तथा अन्य संवेदनशील स्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का आकलन किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद करते हुए भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र एवं मौके पर मौजूद चुनौतियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने एसडीआरएफ टीमों की कार्यप्रणाली, रेस्क्यू तैयारियों एवं उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए कार्मिकों को सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निर्वहन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जवानों द्वारा रखी गई व्यवस्थागत समस्याओं एवं आवश्यकताओं के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर सेनानायक ने आईटीबीपी अधिकारियों एवं जवानों के साथ संयुक्त रूप से यात्रा सुरक्षा एवं समन्वय की समीक्षा की। उन्होंने एसडीआरएफ, जिला पुलिस एवं आईटीबीपी के समर्पित कार्यों की सराहना करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एसडीआरएफ कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया तथा आगामी यात्रा अवधि में भी पूरी तत्परता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उधर, शनिवार को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए एसडीआरएफ द्वारा पोस्ट हेमकुंड एवं घांघरिया में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो पूरी यात्रा अवधि के दौरान सुरक्षा, सहायता एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में सक्रिय रहेंगी।

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