देहरादून , मार्च 01 -- त्तराखंड में 19 अप्रैल से उत्तराखंड में शुरू होने जा रही चार धाम यात्रा व पर्यटन सीजन के दौरान व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग में वृद्धि को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने कमर कस ली है।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड का खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग भारत सरकार से व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेण्डरों के अतिरिक्त आवंटन की मांग करेगा।

विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत आकलन करते हुए मांग का निर्धारण किया गया है तथा भारत सरकार को प्रेषित किए जाने वाले प्रस्ताव के बिंदुओं को अंतिम रूप प्रदान कर दिया गया है, ताकि यात्रा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधित न हो।

सचिव, खाद्य आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में बुधवार को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन के दौरान संभावित मांग, भंडारण क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन व्यवस्था तथा वितरण तंत्र की विस्तार से समीक्षा की गई।

सचिव आनंद स्वरूप ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का आगमन होता है, जिससे होटल, धर्मशाला, ढाबा, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस सहित अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में एलपीजी गैस की खपत में अत्यधिक वृद्धि दर्ज की जाती है।

इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सचिव श्री आनंद स्वरूप ने तेल विपणन कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति को हर स्थिति में सुचारू, संतुलित एवं निर्बाध बनाए रखा जाए।

चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण अवसर के लिए कंपनियों को अग्रिम योजना के तहत पर्याप्त स्टॉक एवं लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग एवं अन्य अनियमितताओं को रोकने हेतु प्रदेशभर में सघन प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रखा जाए।

उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने यह बताया कि विभाग द्वारा केवल एलपीजी ही नहीं, बल्कि डीजल एवं पेट्रोल की उपलब्धता पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है। राज्य में ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित कंपनियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि परिवहन, आपातकालीन सेवाओं एवं आम जनजीवन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026 -27 में अप्रैल से नवंबर तक की अवधि के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पंजीकृत लगभग 14,901 होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में व्यवसायिक एलपीजी गैस की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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