कोण्डागांव , फरवरी 27 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव में पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास एवं तालमेल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले के थाना धनोरा पुलिस ने शुक्रवार को अंदरूनी क्षेत्र ग्राम पंचायत फूंडेर के साप्ताहिक बाजार में चलित थाना (मोबाइल पुलिस सेवा) लगाया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को उनकी बस्ती में ही पुलिस की उपलब्धता सुनिश्चित कराना तथा उन्हें विभिन्न कानूनी जानकारियों और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव पंकज चंद्रा के कार्यालय से आज मिली जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी धनोरा भुनेश्वर नाग के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्राम फूंडेर पहुंची, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद स्थापित किया।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आगाह किया। उन्हें बताया गया कि यदि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। पुलिस ने समझाया कि अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी साझा करने और अनचाहे फोन कॉल पर ओटीपी बताने से बचना चाहिए। वहीं, केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
टीम ने बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को तो नष्ट करता ही है, साथ ही समाज में अपराध की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा देता है। ग्रामीणों से नशे का त्याग करने और इसके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।
यातायात नियमों की जानकारी देते हुए पुलिस ने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के अनिवार्य उपयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि हेलमेट न पहनने से सड़क दुर्घटनाओं में सिर में गंभीर चोट आने से जान-माल की भारी क्षति होती है। ग्रामीणों से यातायात के नियमों का पालन करने और सुरक्षित वाहन चलाने की नसीहत दी गई।
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