चंडीगढ़ , जुलाई 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता एवं पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि केवल कानूनों में कठोर सजा का प्रावधान करने से अपराधों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सकता। उनका कहना है कि यदि समाज में बच्चों का चरित्र निर्माण नहीं होगा तो अपराधों की प्रवृत्ति समाप्त नहीं होगी।

सुश्री चावला ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली की घटनाओं के बाद दोषियों के खिलाफ कड़े कानून बनाए हैं, जिनमें 10 वर्ष तक के कठोर कारावास और 10 करोड़ रूपए तक के आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कठोर कानून आवश्यक हैं, लेकिन केवल दंड बढ़ा देने से अपराध समाप्त नहीं होते। उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद भी बलात्कार और सामूहिक दुष्कर्म जैसे अपराधों के लिए सख्त कानून बनाए गए और सजा का प्रावधान बढ़ाया गया, लेकिन इसके बावजूद ऐसे अपराध पूरी तरह नहीं रुके। उनका कहना था कि यदि केवल कठोर दंड से अपराध रुकते, तो आज देश में हत्या, दुष्कर्म और महिलाओं के अपमान जैसी घटनाएं देखने को नहीं मिलतीं।

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