रायपुर , नवंबर 05 -- त्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल को पत्र लिखकर धान खरीदी में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच की मांग की है।

श्री महंत ने आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन योजना में व्याप्त कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण राज्य को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने राज्यपाल को चिट्ठी लिखने के बाद आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके पत्रकारों को बताया कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की योजना राज्य सरकार की सबसे बड़ी योजना है, जिसके तहत 25 लाख से अधिक किसानों का धान प्रतिवर्ष खरीदा जाता है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 से राज्य में विष्णुदेव साय की सरकार के कार्यकाल में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 145 लाख मीट्रिक टन और 2024-25 में 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, लेकिन खरीद से लेकर निराकरण तक की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने विस्तार से बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी केंद्रों पर 3,94,480 क्विंटल धान जिसका लागत मूल्य 158 करोड़ रुपये है, क्षतिग्रस्त हो गया। इसी तरह धान संग्रहण केंद्रों पर 2,24,234 क्विंटल धान (लागत मूल्य 90 करोड़ रुपये) खराब हो गया। वर्तमान खरीफ सीजन 2024-25 की बात करें तो धान खरीदी केंद्रों पर 6,85,291 क्विंटल धान (लागत मूल्य 274 करोड़ रुपये) पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है, जबकि धान संग्रहण केंद्रों पर 24,09,979 क्विंटल धान (लागत मूल्य 964 करोड़ रुपये) खराब होने की कगार पर है।

डॉ. महंत ने एक और गंभीर मामले की ओर इशारा करते हुए बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में केंद्रीय पूल द्वारा अतिरिक्त चावल नहीं लेने के कारण 2,20,00,000 क्विंटल धान को लागत से कम मूल्य पर बेचना पड़ा, जिससे लगभग 4400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा भारत सरकार से कम दर पर राशि प्राप्त होने और भारतीय खाद्य निगम द्वारा धीमी गति से चावल उपार्जन के कारण ब्याज और रख-रखाव का अतिरिक्त आर्थिक भार भी राज्य को वहन करना पड़ रहा है।

डॉ. महंत के अनुसार इन सभी मदों को मिलाकर विगत दो वर्षों में कुल 11,286 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें से अधिकांश हानि कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण हुई है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वह इस मामले में व्यापक जांच के आदेश दें तथा भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित करें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित