चम्पावत , अप्रैल 23 -- चालू वित्तीय वर्ष के लिए चम्पावत जिले की 76.91 करोड़ रुपये की जिला योजना को मंजूरी दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चंपावत के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।

इस वित्त वर्ष की योजना में पारंपरिक निर्माण कार्यों के साथ-साथ आजीविका संवर्धन और स्वरोजगार पर विशेष फोकस रखा गया है। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता जैसे क्षेत्रों में बजट बढ़ाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना के तहत 107 ग्राम पंचायतों में फसलों की सुरक्षा के लिए 119 किलोमीटर 'चेन लिंक फेंसिंग' की जाएगी, जिससे जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा 171 पशुपालकों को बकरी पालन यूनिट, 1000 लाभार्थियों को कुक्कुट पालन सहायता प्रदान की जाएगी। इसी के साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा 10 नई सड़कों का निर्माण, चार पुल का निर्माण तथा 44 सड़कों के पुनर्निर्माण और सुधार कार्य किए जाएंगे। वहीं 32 नई पेयजल योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।

जिला पंचायत योजना में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए 5.40 करोड़ रुपये तथा बागवानी विकास के लिए 4.77 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। जिला योजना को भौतिक, सामाजिक, आजीविका और अन्य चार प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित रूप से विभाजित किया गया है। भौतिक क्षेत्र में सड़क, पेयजल, सिंचाई और ऊर्जा पर ध्यान दिया गया है, जबकि सामाजिक क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और युवा कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। आजीविका क्षेत्र में रोजगार आधारित योजनाओं को विशेष महत्व दिया गया है।

बैठक में निर्देश दिए गए कि योजनाओं को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से लागू किया जाए तथा अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

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