चम्पावत , मई 13 -- उत्तराखंड के चम्पावत के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले मां वाराही धाम देवीधुरा को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शहरी विकास निदेशालय ने जिलाधिकारी चम्पावत से विस्तृत आख्या और तकनीकी प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
देवीधुरा व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। विश्व प्रसिद्ध बग्वाल मेले के लिए देशभर में पहचान रखने वाला देवीधुरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। नगर पंचायत का दर्जा मिलने से यहां सुनियोजित शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखंड राज्य में यथाप्रवृत्त) के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार क्षेत्र का परीक्षण कर आवश्यक संस्तुति रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि देवीधुरा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है। नगर पंचायत बनने से क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार संभव हो सकेगा। इससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल देवीधुरा का सुनियोजित विकास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार तथा आर्थिक अवसरों का सृजन करेगा। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं में मजबूती आने से क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान और व्यवस्थित शहरी विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
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