चम्पावत , जून 22 -- उत्तराखंड के जनपद चम्पावत में अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीपी) क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 25 नए इंडिया मार्क-द्वितीय हैंडपंपों की स्थापना हेतु 89.54 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कार्यों को शीघ्र गति देने के लिए प्रथम किश्त के रूप में 53.72 लाख रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी हैंडपंपों की स्थापना अनुसूचित जाति लाभार्थियों की बस्तियों के समीप की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को सीधे इसका लाभ मिल सके। इसके साथ ही प्रत्येक स्थल की जीआईएस मैपिंग और जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि यदि किसी स्थान पर बोरिंग के दौरान पानी नहीं निकलता है, तो बिना समय गंवाए वैकल्पिक स्थल का चयन कर आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करते हुए कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
प्रशासन का मानना है कि इस योजना के क्रियान्वयन से चम्पावत के कई अनुसूचित जाति बहुल गांवों और बस्तियों में पेयजल की उपलब्धता बेहतर होगी तथा लोगों को दैनिक जीवन में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री धामी की इस पहल को सामाजिक समावेशन और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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