मोतिहारी , अगस्त 19 -- 1917 के ऐतिहासिक चम्पारण सत्याग्रह और महात्मा गांधी के भारत में प्रथम सत्याग्रह की गौरवगाथा को केंद्र में रखकर निर्मित फिल्म 'चम्पारण सत्याग्रह' ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। युवराज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित इस फिल्म को विभिन्न प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों एवं पुरस्कार आयोजनों में अब तक 67 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जबकि छह देशों के 12 फिल्म समारोहों में इसका आधिकारिक चयन हुआ है।

फिल्म की अंतरराष्ट्रीय यात्रा दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल और भारत तक पहुंची है। फिल्म का अफ्रीकन फिल्म फेस्टिवल, सिंगापुर लायन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, क्राउन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल-बांग्लादेश, म्यांमार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, नेपाल विंग्स इंटरनेशनल क्रिटिक्स फिल्म फेस्टिवल, कन्याकुमारी इंटरनेशनल फिल्म अवॉर्ड्स, इंटरनेशनल ग्रैंड ग्लोरी फिल्म अवॉर्ड्स, इंटरनेशनल स्टार सिने अवॉर्ड्स, गोवा इंटरनेशनल फिल्म कंपटीशन, इंडियन स्क्रीन प्रोजेक्ट, बिहार महोत्सव-दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आधिकारिक चयन हुआ है।

फिल्म के लेखक एवं अभिनेता डॉ. राजेश अस्थाना ने कहा कि 67 पुरस्कार और 12 फिल्म समारोहों में आधिकारिक चयन पूरी टीम के साथ-साथ चम्पारण की धरती के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय इतिहास और अपनी मिट्टी की कहानियां भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित कर सकती हैं।उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी चम्पारण सत्याग्रह के इतिहास और उसमें अपने पूर्वजों के संघर्ष व बलिदान से पर्याप्त रूप से परिचित नहीं है। इसी उद्देश्य से युवराज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ने भव्य फीचर फिल्म के माध्यम से चम्पारण सत्याग्रह की भावना, सत्य, साहस, अहिंसा और सामाजिक परिवर्तन के संदेश को देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

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