चमोली , जून 26 -- उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही चमोली जिले में बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। विकासखंड नारायणबगड़ क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुई अतिवृष्टि के बाद पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर तेज बहाव के साथ सड़कों पर आ गए, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मलबे की चपेट में आने से कई दुकानों में गाद और पत्थर भर गए, जबकि सड़क किनारे खड़े कई वाहन दबकर क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की सहायता से सड़कों से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है, ताकि यातायात को शीघ्र सुचारु किया जा सके। साथ ही प्रशासन प्रभावित दुकानों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन भी कर रहा है।

मानसून के शुरुआती दौर में ही हुई इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। प्रशासन ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल राहत एवं सफाई कार्य जारी है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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