नयी दिल्ली , जुलाई 09 -- कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर में जमीन अधिग्रहण से लेकर चढ़ावे तक हर जगह चोरी हुई है और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है, इसलिए चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने ही राम मंदिर ट्रस्ट के गठन और उसके सदस्यों के चयन में भूमिका निभाई थी, इसलिए उन्हें इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि राम मंदिर ट्रस्ट को सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे से बाहर क्यों रखा गया और यदि यह पूरी तरह धार्मिक ट्रस्ट है तो इसमें भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों को ही क्यों शामिल किया गया। इस ट्रस्ट में शंकराचार्य का भद्राचार्य आदि को क्यों नहीं रखा गया।
श्री राजपूत ने कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है लेकिन उसका अध्यक्ष विजय विश्वास पंत को बनाया गया है। उनका दावा था कि श्री पंत के खिलाफ पहले से आपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है, ऐसे में उनकी अध्यक्षता में जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार को पूरे घटनाक्रम पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 84 करोड़ की जमीन राम मंदिर से आठ किलोमीटर दूर खरीदी गई है। इस जमीन पर चारा बोया जा रहा है जबकि राम मंदिर की कोई गौशाला नहीं है। उनका कहना था कि चारा कहां जा रहा है चारे की कैसे चोरी हो रही है इस बारे में भी जवाब दिया जाना चाहिए।
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