विजयवाड़ा , अक्टूबर 26 -- मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार चक्रवात 'अर्नव' 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के तट के बीच से एक बहुत भीषण तूफान के रूप में गुजरेगा।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के निदेशक प्रखान जैन ने एक बयान में कहा कि पिछले छह घंटों में यह चक्रवात 15 किमी आगे बढ़ा है। फिलहाल यह विशाखापत्तनम से 650 किमी, काकीनाडा से 730 किमी, मछलीपट्टनम से 830 किमी और बापटला से 910 किमी दूर स्थित है। इसके आज आधी रात तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान और कल तक एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की उम्मीद है। इसके बुधवार सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की संभावना है, उस समय हवा की गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

श्री जैन ने कहा कि चक्रवात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आधिकारिक निर्देशों का सख्ती से पालन करें और जरूरी सावधानियां बरतें। राहत कार्यों के लिए अनाकापल्ली, काकीनाडा, कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, एलुरु, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा, श्रीकाकुलम, बापटला, एएसआर और पोलावरम जिलों में एनडीआरएफ की 7 और एसडीआरएफ की 8 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि कुछ अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं और अपनी नावों व जालों को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखें। उन्होंने तट के पास ऊंची उठती लहरों के करीब सेल्फी लेने से बचने की भी चेतावनी दी है।

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