नई दिल्ली , अक्टूबर 26 -- कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने सोमवार को यहां राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक में बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नव' के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की।

तूफान के बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटों के बीच अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक ने बैठक में बताया कि चक्रवाती तूफान सोमवार की सुबह बंगाल की खाड़ी के मध्य-पूर्वी और उससे लगे मध्य-पश्चिमी हिस्से में केंद्रित था। यह श्री विजयपुरम से करीब 590 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, विशाखापत्तनम से 650 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 730 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम से 830 किलोमीटर पूर्व और बापटला से 910 किलोमीटर पूर्व में था। इसके मंगलवार तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम और उसके बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है।

तूफान का असर तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने संबंधित राज्यों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के अधिकारियों ने बैठक में तैयारियों की जानकारी दी। प्रशासन ने राहत शिविरों और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तैयार रखी गई हैं। जिलों में नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

मछुआरों को 29 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यानम के तटों के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में मौजूद मछुआरे लौट चुके हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने कई जहाजों और नौकाओं को सुरक्षित घाटों और तट तक पहुंचाया है। बाकी जहाजों को भी लौटने के लिए सतर्क किया गया है।

एनडीआरएफ ने अपनी टीमें तैनात कर दी हैं और अतिरिक्त टीमें तैयार रखी हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल के बचाव एवं राहत दलों के साथ उनके जहाज और विमान भी तैयार हैं। गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

तैयारियों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने निर्देश दिया कि जान-माल का नुकसान कम करने पर पूरा जोर दिया जाए। नुकसान होने की स्थिति में जरूरी सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं। केंद्र के मंत्रालयों और विभागों ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं और नुकसान कम करने के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

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