नयी दिल्ली , अक्टूबर 29 -- चक्रवाती तूफान ''अर्नब" बृहस्पतिवार तड़के दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर और कमजोर होकर केवल 'अवदाब' तब्दील हो गया है।
इससे पहले यह बुधवार मध्यरात्रि के आसपास उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा पूर्वोत्तर तेलंगाना के आसपास के क्षेत्रों में कमजोर होकर 'गहरे अवदाब' में तब्दील हो गया। इससे पहले उसकी ताकत में और गिरावट आयी थी और वह उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए कमजोर होकर बुधवार शाम को चक्रवाती तूफान में बदल गया था।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी प्रणाली के उत्तर दिशा में आगे बढ़ना जारी रखने और 29 अक्टूबर की शाम तक उत्तरी छत्तीसगढ़ तथा उससे सटे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर एक 'सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र' के रूप में और अधिक कमजोर होने की प्रबल संभावना है। रायपुर स्थित डॉपलर वेदर रडार द्वारा इस पूरी प्रणाली पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बृहस्पतिवार जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से लगभग 40 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम, टिटिलागढ़ (ओडिशा) से 180 किमी दक्षिण-पश्चिम, भवानीपटना (ओडिशा) से 150 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, रायपुर से 200 किमी दक्षिण तथा संबलपुर से 310 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रकोप से उबर रहे तटीय राज्यों, विशेषकर आंध्र प्रदेश पर मौसम के एक और तंत्र का खतरा मंडराने लगा है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों पर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से गुरूवार सुबह साढ़े बजे बजे उसी क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। इस मौसमी प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर से सटे क्षेत्रों में कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की अनुमान है। इसके बाद, इस दबाव के और अधिक तीव्र होने और अगले दो दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों में उत्तरी आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में व्यापक वर्षा दर्ज की गई है। दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई।
विशेष रूप से दक्षिण ओडिशा में खासी वर्षा हुई। गंजम जिले के पत्रपुर में सर्वाधिक 546 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गंजम के सोरड़ा में 503 मिमी, कंधमाल के जी. उदयगिरि में 462 मिमी, गजपति के महेंद्रगढ़ में 458 मिमी, गंजम के सनाखेमुंडी में 388 मिमी तथा चिकिटी में 309 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
विभाग ने विभिन्न राज्यों के लिए चेतावनी एवं अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि शुक्रवार को झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। बिहार के कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम को बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ के उत्तर-पूर्वी जिलों तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी एवं दक्षिणी जिलों (सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, शक्ति, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर, रायपुर, बलौदा बाजार, महासमुंद में 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के चलते लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे गंजम और गजपति जिलों से अब 32 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्थिति की समीक्षा की है और अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास बढ़ाने तथा उन तक समय पर जरूरी मदद पहुंचाने के निर्देश दिये हैं।श्री गर्ग ने बताया कि गंजम के कुछ हिस्सों में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है, जहां 70 गांवों के दो हजार 328 लोग अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कुछ जगहों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्यबल (डीआरएएफ) की टीमें वहां फंसे लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के गंजम जिले के 22 ब्लॉकों में 208 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 299 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति जिले के 07 ब्लॉकों में 110 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 711 गांव काफी हद तक प्रभावित हुए हैं। गंजम जिले में लगभग 42 हजार 500 लोग और गजपति जिले में करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने गंजम से 11 हजार 882 और गजपति से 17हजार 441 लोगों को सुरक्षित निकालकर चक्रवात और बाढ़ राहत केंद्रों में ठहराया है।
गंजम जिले में बहुदा नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया है। इसके कारण पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) ने सुरक्षा उपायों के तहत नौ ट्रेनों को रद्द कर दिया है जबकि 14 अन्य ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया है। इस कारण से हावड़ा-चेन्नई मार्ग पर ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं।
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