भुवनेश्वर , अक्टूबर 29 -- ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के चलते लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे गंजाम और गजपति जिलों से अब 32 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्थिति की समीक्षा की है और अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास बढ़ाने तथा उन तक समय पर जरूरी मदद पहुंचाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चक्रवात के असर, मौजूदा हालात और राज्य सरकार के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी।

श्री माझी ने बताया कि श्री शाह ने ओडिशा को इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का सहयोग राज्य के उन प्रयासों को और मजबूत करेगा, जिनका उद्देश्य लोगों की जान बचाना, प्रभावित परिवारों की मदद करना और पूरे ओडिशा में राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात के बाद की स्थिति पर लगातार नजर रखना और समन्वित तरीके से कदम उठाना उनकी प्राथमिकता है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और आपदा के असर को कम किया जा सके।

इस बीच मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार को चक्रवात 'अर्नब' के कारण लगातार हो रही भारी बारिश से पैदा हुई बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने नुकसान का जायजा लिया और बाढ़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश और सुझाव दिये।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गंजाम और गजपति जिलों में बहुत भारी बारिश हुई है, जिससे कई गांव जलमग्न हो गये हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

श्री गर्ग ने विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और गंजाम के जिला कलेक्टर वी. कीर्ति वासन के साथ प्रभावित लोगों की स्थिति पर चर्चा की खासकर गंजाम जिले के संदर्भ में। उन्होंने चक्रवात से पहले की गयी तैयारियों और लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ से निपटने के लिए उठाये जा रहे कदमों की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के साथ भी मौजूदा राहत कार्यों पर चर्चा की और बदलती स्थिति से निपटने के लिए आगे की कार्रवाई पर सुझावों का आदान-प्रदान किया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गंजाम जिले के 22 ब्लॉकों में 208 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 299 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति जिले के 07 ब्लॉकों में 110 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 711 गांव काफी हद तक प्रभावित हुए हैं।

गंजम जिले में लगभग 42 हजार 500 लोग और गजपति जिले में करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने गंजम से 11 हजार 882 और गजपति से 17हजार 441 लोगों को सुरक्षित निकालकर चक्रवात और बाढ़ राहत केंद्रों में ठहराया है।

श्री गर्ग ने बताया कि गंजम के कुछ हिस्सों में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है, जहां 70 गांवों के दो हजार 328 लोग अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कुछ जगहों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्यबल (डीआरएएफ) की टीमें वहां फंसे लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

बचाव दलों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए, जिन इलाकों में सामान्य तरीकों से पहुंचना असंभव है, वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 'एयरलिफ्ट' (हवाई मार्ग से निकालने) का सुझाव दिया गया है। गंजम के जिला कलेक्टर को ऐसी जगहों की पहचान करने और प्रशासन को उनकी सूची सौंपने का निर्देश दिया गया है। इन इलाकों में फंसे लोगों के लिए पका हुआ भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी सलाह दी गई है।

श्री गर्ग ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल के एक विशेष हेलीकॉप्टर को तैनात करने के संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की गयी है। अगर हालात ऐसे हुए कि तुरंत मदद की जरूरत पड़ी, तो फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया जायेगा।

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