भुवनेश्वर , अक्टूबर 30 -- दक्षिणी ओडिशा चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद हुई भारी बारिश से मची व्यापक तबाही से जूझ रहा है। इसमें गंजम जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके बाद गजपति और कंधमाल जिलों में काफी नुकसान पहुंचा है।
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में बचाव, राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। फंसे हुए और बेघर हुए हजारों लोगों की मदद के लिए आपदा प्रतिक्रिया टीमों, हेलीकॉप्टरों और आपातकालीन राहत सामग्री को तैनात किया गया है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार को भुवनेश्वर के राजीव भवन स्थित 'राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र' में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि चक्रवात के बाद लगातार हो रही बारिश के कारण कई गांव जलमग्न हो गये हैं और सड़कों तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
बैठक में विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने मौजूदा हालात की समीक्षा की और बचाव, राहत तथा बहाली कार्यों की प्रगति का जायजा लिया, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री के अनुसार, चक्रवात और उसके बाद हुई बारिश के कारण गंजम, गजपति, कंधमाल, कोरापुट और रायगडा जिलों में भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, गंजम में 42,564 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति में यह संख्या लगभग 30,000 और कंधमाल में 12,000 है। प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य चलाने और आपातकालीन सहायता पहुंचाने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दमकल सेवा की टीमों को तैनात किया गया है। खतरे वाली जगहों से हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।
मानवीय सहायता के एक बड़े कदम के तहत, प्रभावित क्षेत्रों में 21 चिन्हित स्थानों पर भोजन के पैकेट पहुंचाने के लिए चार हेलीकॉप्टरों को काम पर लगाया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन जगहों पर तैनात कर्मी, बाढ़ या अन्य कारणों से फंसे गांवों और दुर्गम इलाकों के लोगों के बीच भोजन के पैकेट बांटेंगे।
राज्य प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को विशेष प्राथमिकता दी है। उन्हें सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है और जरूरी चिकित्सा देखभाल, स्वास्थ्य सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही हैं। विस्थापित परिवारों के रहने के लिए राहत शिविर खोले गये हैं, और प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन, चावल, गुड़, पॉलीथीन शीट और पीने का साफ पानी जैसी जरूरी चीजें बांटी जा रही हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए, क्षतिग्रस्त सड़कों और बिजली सेवाओं की बहाली का काम युद्ध स्तर पर तेज करें।
इस बीच, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के साथ शुक्रवार को गंजम और गजपति जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस हवाई दौरे का उद्देश्य नुकसान के स्तर का आकलन करना और इन दोनों जिलों की जमीनी स्थिति का जायजा लेना था, जो चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद हुई भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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