लखनऊ , जून 19 -- उत्तर प्रदेश के चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को प्रदेश में चल रहे चकबंदी कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित में कार्य न करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इंदिरा भवन स्थित चकबंदी निदेशालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. यशोद ने सभी पीठासीन अधिकारियों, जिनमें उप संचालक चकबंदी (डीडीसी), बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी), चकबंदी अधिकारी (सीओ) तथा सहायक चकबंदी अधिकारी (एसीओ) शामिल हैं, को पुराने लंबित मुकदमों की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर प्राथमिकता से कर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी उप संचालक चकबंदी एवं बंदोबस्त अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर लंबित मुकदमों की सुनवाई तेज करने को कहा। साथ ही तीन और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा सभी मुकदमों का ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीडीसी मुख्यालय को इसकी साप्ताहिक समीक्षा करने को भी कहा गया।

चकबंदी आयुक्त ने धारा 52 की लंबित कार्यवाहियों को शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार कार्मिकों की संख्या बढ़ाने तथा सीमांकन एवं कब्जा परिवर्तन संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में राजस्व अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर धारा 67 के तहत बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने विभागीय कर्मचारियों के विरुद्ध लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को एक माह के भीतर पूर्ण कर मुख्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। डॉ. यशोद ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि चक निर्माण के दौरान किसानों से किसी भी स्थिति में तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती न की जाए। यदि विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त भूमि कटौती आवश्यक हो तो इसके लिए चकबंदी आयुक्त की पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

समीक्षा के दौरान उन्नाव के बंदोबस्त अधिकारी द्वारा चकबंदी कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा चार सदस्यीय जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। सीतापुर के बंदोबस्त अधिकारी से जवाब तलब करने तथा एटा में कार्यों की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अपर आयुक्त चकबंदी अरुण प्रकाश, उप संचालक चकबंदी संत कुमार, आलोक कुमार, राम किशोर, बंदोबस्त अधिकारी अजय कुमार सहित प्रदेश के सभी उप संचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी उपस्थित रहे।

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