मुरैना , जुलाई 16 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगने का दावा करते हुए केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्रप्रकाश गोयल ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई से नदी अपने प्राकृतिक स्वरूप की ओर लौट रही है।
देवरी घड़ियाल केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद श्री गोयल ने कहा कि पिछली समीक्षा बैठक के समय स्थिति चिंताजनक थी, लेकिन अब अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तथा लगातार निगरानी की सराहना की।
उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन रोकने के प्रयासों की समीक्षा की गई। बैठक में मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के प्रशासन, पुलिस तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें भिंड, मुरैना, श्योपुर, धौलपुर और आगरा के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
श्री गोयल ने कहा कि मुरैना वन विभाग कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां से भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में चंबल नदी की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब सड़कों पर अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की मंशा के अनुरूप अवैध उत्खनन को पूरी तरह समाप्त करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही चंबल घड़ियाल अभयारण्य के संरक्षण तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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