मुरैना , मई 18 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी स्थित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और उससे जुड़े वाहनों पर कार्रवाई को लेकर उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार से सख्त जवाब तलब किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि अवैध उत्खनन और रेत परिवहन में उपयोग किए जा रहे बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

पीठ ने ऐसे वाहनों की पहचान, जब्ती और मोटर वाहन अधिनियम के पालन को लेकर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है। न्यायालय ने यह भी पूछा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई तथा भविष्य में चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए क्या व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

न्यायालय ने परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को 20 मई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मुरैना के जिला मंडलाधिकारी हरिश्चंद्र बघेल ने बताया कि मामले की सुनवाई पहले 11 मई को प्रस्तावित थी, जिसे बढ़ाकर 20 मई कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आगामी सुनवाई के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इससे पहले जिला प्रशासन भी परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है। 17 मई को कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने परिवहन विभाग को पत्र जारी कर जिले में बिना पंजीयन वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मैदानी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है।

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