इटावा , अप्रैल 10 -- उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित चंबल घाटी में दुनिया के सबसे खतरनाक जहरीले सांपों में शामिल रसल वाइपर की मौजूदगी से किसानों में दहशत का माहौल है। वन विभाग और राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी के अधिकारी लोगों को इसके प्रति जागरूक करने में जुटे हैं। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चकरनगर थाना क्षेत्र के नगला महानंद गांव में एक खेत में रसल वाइपर तीन दिनों तक एक ही स्थान पर डेरा डाले रहा। ग्रामीण इसे अजगर का बच्चा समझकर नजरअंदाज करते रहे और यहां तक कि उसे दूध पिलाने की कोशिश भी की।

मामले की सूचना मिलने पर चंबल सेंचुरी की टीम वन दरोगा बी.पी. सिंह चौहान के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास चंबल के बीहड़ों में छोड़ दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि ऐसे खतरनाक सांप को पकड़ने या छेड़ने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

विशेषज्ञों के अनुसार रसल वाइपर अत्यंत जहरीला सांप है, जिसका जहर हीमोटॉक्सिक होता है और यह खून को जमाकर गंभीर स्थिति पैदा कर देता है। समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा रहता है और कई मामलों में पीड़ित विकलांग भी हो सकता है।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने ग्रामीणों से अपील की है कि सांप दिखने पर झाड़-फूंक या पारंपरिक उपायों के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता और संबंधित विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता से ही इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।

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