चम्पावत , जुलाई 24 -- उत्तराखंड के चंपावत जिले के अमोड़ी में शुक्रवार को 'सुरक्षित दवा सुरक्षित जीवन' अभियान के तहत प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा मेडिकल स्टोरों पर औचक छापेमारी की गई। इस दौरान तीन मेडिकल प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। साथ ही दोनों प्रतिष्ठानों के दैनिक क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भवदीप रावते के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं के उचित रखरखाव और भंडारण, एक्सपायर्ड दवाओं को मुख्य स्टॉक से अलग रखने तथा उनका नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

औषधि निरीक्षक हर्षिता ने जांच के दौरान दो मेडिकल प्रतिष्ठानों अनियमितताएं पाए जाने पर उनके लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालकों को लाइसेंस की शर्तों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही बिना चिकित्सकीय परामर्श के मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं नहीं देने की हिदायत दी गई।

जिन मेडिकल स्टोरों की लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है उनमें भट्ट मेडिकल स्टोर और रिंकू मेडिकल स्टोर शामिल है। इनमें निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पायीं गईं जिनमें पंजीकृत फार्मासिस्ट मौके पर उपस्थित नहीं मिला, सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे, मेडिकल स्टोर का परिसर स्वच्छ स्थिति में नहीं पाया गया तथा दवाओं की बिक्री और खरीद का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला।

इस दौरान 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत लोगों को जागरूक करते हुए 'मानस' पोर्टल और टोल फ्री नंबर 1933 के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। अभियान में पुलिस के कांस्टेबल कुलदीप कुमार और कमल नाथ गोस्वामी तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के रमेश चन्द्र गौतम और सुनील खर्कवाल शामिल रहे।

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