चंपावत , अक्टूबर 29 -- उत्तराखंड के चंपावत जिले के जर्जर विद्यालयों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। लगभग 30 विद्यालयों के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए ढाई करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रशासन ने आगामी तीन माह के भीतर निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि विद्यालयों की जरूरत और विभागीय प्राथमिकताओं के आधार पर स्वीकृत धनराशि का वितरण कर दिया गया है। ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से चिह्नित विद्यालयों के भवनों की मरम्मत, आवश्यक सुधार और पठन-पाठन से जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य जर्जर भवनों को सुरक्षित बनाकर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी विभाग को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। प्रशासन की ओर से कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हो और विद्यार्थियों व अभिभावकों को होने वाली परेशानियों का जल्द समाधान किया जा सके।

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