बेतिया, अप्रैल 13 -- पश्चिम चंपारण जिले में भारत सरकार के 'ज्ञान भारतम् सर्वेक्षण' अभियान के दौरान इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के पैतृक आवास सतवरिया में उनकी हस्तलिखित ऐतिहासिक डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर डायरी का सूक्ष्म अवलोकन किया। यह डायरी स्वतंत्रता संग्राम के अनछुए पहलुओं को उजागर करने के साथ-साथ महात्मा गांधी और पंडित शुक्ल के गहरे संबंधों की सजीव झलक प्रस्तुत करती है।

सर्वेक्षण के दौरान पंडित शुक्ल के पौत्र अरुण शुक्ल ने कहा कि भारत सरकार की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि यह डायरी ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान है और इसके संरक्षण से शोधकर्ताओं एवं इतिहास प्रेमियों को चंपारण आंदोलन की जमीनी सच्चाइयों को समझने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और विभागीय कर्मियों ने भी पंडित शुक्ल के योगदान की सराहना की।

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