पटना , जून 22 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राज्य में चीनी उद्योग के पुनरुद्धार, निवेश को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी सहित बंद चीनी मिलों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए तेजी से काम करने का निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
श्री चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि चंपारण क्षेत्र को देश के अग्रणी गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। गन्ना उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत अधिकाधिक निवेश आकर्षित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने और चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की विभिन्न योजनाओं, चीनी मिलों की अद्यतन स्थिति, गन्ना उत्पादन की स्थिति तथा बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही 09 बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन तथा 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की कार्ययोजना की जानकारी दी।
बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह,संजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, कुंदन कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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